82 / 328

· 1955
Lyrics
प्यार हुआ इक़रार हुआ है प्यार से फिर क्यों डरता है दिल (कहता है दिल, रस्ता मुश्किल मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल) प्यार हुआ इक़रार हुआ ...
दिल कहे इस मांग को, मैं तारों से संवार दूँ तुमसे नया संसार लूँ, तुमको नया संसार दूँ चाँद और सूरज, दीप गगन के इस धरती पे उतार दूँ आहा हा आहा हा, आ ... प्यार हुआ इक़रार हुआ ...
रातों दसों दिशाओं से, कहेंगी अपनी कहानियाँ प्रीत हमारे प्यार की, दोहराएंगी जवानियाँ मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे फिर भी रहेंगी निशानियाँ आहा हा आहा हा, आ ... प्यार हुआ इक़रार हुआ ...