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· 1975
Lyrics
बड़ी सूनी सूनी है ज़िंदगी ये ज़िंदगी - (२) मैं खुद से हूँ यहाँ अजनबी अजनबी बड़ी ...
कभी एक पल भी, कहीं ये उदासी दिल मेरा भूले कभी मुस्कुराकर दबे पाँव आकर दुख मुझे छूले न कर मुझसे ग़म मेरे, दिल्लगी ये दिल्लगी बड़ी ...
कभी मैं न सोया, कहीं मुझसे खोया सुख मेरा ऐसे पता नाम लिखकर्, कहीं यूँही रखकर भूले कोई कैसे अजब दुख भरी है ये, बेबसी बेबसी बड़ी ...