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· 1964
Lyrics
दोस्त दोस्त ना रहा, प्यार प्यार ना रहा ज़िन्दगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ऐतबार ना रहा ॥।
अमानतें मैं प्यार की, गया था जिसको सौंप कर वो मेरे दोस्त तुम ही थे, तुम्हीं तो थे जो ज़िन्दगी की राह में, बने थे मेरे हमसफ़र वो मेरे दोस्त तुम ही थे, तुम्हीं तो थे सारे भेद खुल गए राज़दार ना रहा ज़िन्दगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ॥।
गले लगी सहम्-सहम्, भरे गले से बोलती वो तुम न थी तो कौन था, तुम्हीं तो थी सफ़र के वक़्त में पलक पे मोतियों को तोलती वो तुम न थी तो कौन था, तुम्हीं तो थी नशे की रात ढल गयी, अब ख़्हुमार ना रहा ज़िन्दगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ॥।
वफ़ा का लेके नाम जो, धड़क रहे थे हर घड़ी वो मेरे नेक्-नेक दिल्, तुम्हीं तो हो जो मुस्कुराके रह गए ज़हर की जब सुई गड़ी वो मेरे नेक्-नेक दिल्, तुम्हीं तो हो अब किसी का मेरे दिल इन्तज़ार ना रहा ज़िन्दगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ॥।