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Lyrics
याहू -२ चाहे कोई मुझे जंगली कहे कहने दो जी कहता रहे हम प्यार के तूफ़ानों से घिरे हैं हम क्या करें -२ चाहे कोई मुझे ...
मेरे सीने में भी दिल है हैं मेरे भी कुछ अरमाँ मुझे पत्थर तो न समझो मैं हूँ आख़िर इक इन्साँ राह मेरी वही जिसपे दुनिया चली -२ चाहे कोई मुझे ...
इक मुद्दत से ये तूफ़ाँ मेरे सीने में थे बेचैन क्या छुपाऊँ क्या छुपा है जब मिलते हैं नैन से नैन -२ सब्र कैसे करूँ क्यूँ किसी से डरूँ -२ चाहे कोई मुझे ...
सर्द आहें कह रही हैं है ये कैसी बला की आग सोते-सोते ज़िन्दगानी घबरा के उठी है जाग -२ मैं यहाँ से वहाँ जैसे ये आसमाँ -२ चाहे कोई मुझे ...