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Lyrics
चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे फिर भी कभी अब नाम को तेरे आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा
देख मुझे सब है पता सुनता है तू मन की सदा (२) मितवा ... मेरे यार तुझको बार बार आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे
दर्द भी तू चैन भी तू दरस भी तू नैन भी तू मितवा ... मेरे यार तुझको बार बार आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा