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· 1970
Lyrics
जीवन से भरी तेरी आँखें मजबूर करे जीने के लिये सागर भी तरसते रहते हैं तेरे रूप का रस पीने के लिये जीवन से भरी तेरी आँखें ...
तस्वीर बनाये क्या कोई क्या कोई लिखे तुझपे कविता रंगों छंदों में समाएगी किस तरह से इतनी सुंदरता एक धड़कन है तू दिल के लिये एक जान है तू जीने के लिये जीवन से भरी तेरी आँखें ...
मधुबन कि सुगंध है साँसों में बाहों में कंवल की कोमलता किरणों का तेज है चेहरे पे हिरनों की है तुझ में चंचलता आंचल का तेरे एक तार बहुत कोई छाक जिगर सीने के लिये जीवन से भरी तेरी आँखें ...