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Tu Ganga Ki Mauj

· 1952

Lyrics

अकेली मत जइयो राधे जमुना के तीर ओ जी ओ तू गंगा की मौज मैं जमुना का धारा हो रहेगा मिलन्, ये हमारा हो हमारा तुम्हारा रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा

अगर तू है सागर तो मझधार मैं हूँ, मझधार मैं हूँ तेरे दिल की कश्ती का पतवार मैं हूँ, पतवार मैं हूँ चलेगी अकेले न तुमसे ये नैया, न तुमसे ये नैया मिलेंगी न मंज़िल तुम्हे बिन खेवैया, तुम्हे बिन खेवैया चले आओ जी, चले आओ जी चले आओ मौजों का ले कर सहारा, हो रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा रहेगा मिलन्, ये हमारा तुम्हारा

भला कैसे टूटेंगे बंधन ये दिल के, बंधन ये दिल के बिछड़ती नहीं मौज से मौज मिलके, है मौज मिल के छुपोगे भँवर में तो छुपने न देंगे, तो छुपने न देंगे डुबो देंगे नैया तुम्हें ढूँढ लेंगे बनायेंगे हम्, बनायेंगे हम बनायेंगे तूफ़ाँ को लेकर किनारा, हो रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा रहेगा मिलन्, ये हमारा तुम्हारा

##ह्म्म ह्म्म्म्म ह्म्म्## ...