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· 1974
Lyrics
रजनीगंधा फूल तुम्हारे महके यूँ ही जीवन में ओ ... जैसे महके प्रीत पिया की मेरे अनुरागी मन में रजनीगंधा ...
हर पल मेरी इन आँखों में बस रहते हैं सपने उनके मन कहता है मैं रंगों की एक प्यार भरी बदली बनकर बरसूँ उनके जीवन में रजनीगंधा ...
अधिकार ये जबसे साजन का हर धड़कन पर माना मैंने मैं जबसे उनके साथ बंधी ये भेद तभी जाना मैंने कितना सुख है बंधन में