197 / 328

Janam Janam ka saath hai nibhaane ko

· 1969

Lyrics

( जनम्-जनम का साथ है निभाने को सौ-सौ बार मैने जनम लिये)

( प्यार अमर है दुनिया में प्यार कभी नहीं मरता है) मौत बदन को आती है रुह का जलवा रहता है

( जनम्-जनम का साथ है निभाने को सौ-सौ बार मैने जनम लिये)

( ओ शह्जादी सपनों की इतनी तू हैरान न हो) मैं भी तेरा सपना हूँ जान मुझे अंजान न हो

( जनम्-जनम का साथ है निभाने को सौ-सौ बार मैने जनम लिये)

( तू मंज़िल मैं राही हूँ एक दिन तुझको पाऊँगा) कौन मुझे अब रोकेगा हरदम यूँही आऊँगा

जनम्-जनम का साथ है निभाने को सौ-सौ बार मैने जनम लिये