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· 1960
Lyrics
ओ बसंती पवन पागल्, ना जा रे ना जा, रोको कोई ओ बसंती ...
बन के पत्थर हम पड़े थे, सूनी सूनी राह में जी उठे हम जब से तेरी, बांह आई बांह में बह उठे नैनों के काजल्, ना जा रे ना जा, रोको कोई ओ बसंती ...
याद कर तूने कहा था, प्यार से संसार है हम जो हारे दिल की बाजी, ये तेरी ही हार है सुन ये क्या कहती है पायल्, ना जा रे ना जा, रोको कोई ओ बसंती ...