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Lyrics
कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं कुछ दिल ने सुना, कुछ भी नहीं ऐसी भी बातें होती हैं ऐसे भी बातें होती हैं कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं
लेता है दिल अँगड़ाइयाँ, इस दिल को समझाये कोई अरमाँ न आँखें खोल दें, रुसवा न हो जाये कोई पलकों की ठंडी सेज पर्, सपनों की परियाँ सोती हैं ऐसी भी बातें होती हैं ऐसे भी बातें होती हैं कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं
दिल की तसल्ली के लिये, झूठी चमक झूठा निखार जीवन तो सूना ही रहा, सब समझें आयी है बहार कलियों से कोई पूछता, हँसती हैं वो या रोती हैं ऐसी भी बातें होती हैं ऐसे भी बातें होती हैं कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं कुछ दिल ने सुना, कुछ भी नहीं