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Lyrics
तदबीर से बिगड़ी हुई तक़दीर बना ले अपने पे भरोसा है तो ये दाँव लगा ले
किस राह से जाना है तू पूछे तो बता दूँ किस घाट पे बैठेगा मल्लाह बता दे तू डूबना चाहे तो किनारा छोड़ दे तदबीर से बिगड़ी हुई तक़दीर बना ले
दुनिया ने हमें दिल के फसाने सुनाए हमने भी सुने और नये राग सुनाए तू गाने को आए तो तराना छोड़ दे तदबीर से बिगड़ी हुई तक़दीर बना ले