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· 1961
Lyrics
तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को किसी की नज़र ना लगे चश्म्-ए-बद दूर मुखड़े को छुपा लो आँचल में, कहीं मेरी नज़र ना लगे चश्म्-ए-बद दूर ॥।
यूँ न अकेले फिरा करो, सब की नज़र से डरा करो - फूल से ज़्यादा नाज़ुक हो तुम्, चाल सँभल्कर चला करो ज़ुल्फ़ों को गिरा लो गालों पर्, मौसम की नज़र ना लगे चश्म्-ए-बद दूर ॥।
एक झलक जो पाता है, राही वहीं रुक जाता है - देखके तेरा रूप सलोना चाँद भी सर को झुकाता है देखा न करो तुम आईना, कहीं ख़्हुद की नज़र ना लगे चश्म्-ए-बद दूर ॥।
दिल में चुभे वो तीर हो तुम्, चाहत की तक़दीर हो तुम - कौन न होगा तुम पे दिवाना, प्यार भरी तसवीर हो तुम निकला न करो तुम राहों पर्, ज़र्रों की नज़र ना लगे चश्म्-ए-बद दूर ॥।