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Neele Gagan Ke Tale

· 1967

Lyrics

हे ... , नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले ऐसे ही जग में, आती हैं सुबहें ऐसे ही शाम ढले ...

शबनम के मोती, फूलों पे बिखरे दोनों की आस फले ...

बलखाती बेलें, मस्ती में खेलें पेड़ों से मिलके गले ...

नदिया का पानी, दरिया से मिलके सागर किस ओर चले ...