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Lyrics
ऐसे तो न देखो, के हमको नशा हो जाए ख़ूबसूरत सी कोई हमसे ख़ता हो जाए (२) ऐसे तो न देखो
तुम हमें रोको फिर भी हम ना रुकें तुम कहो काफ़िर फिर भी ऐसे झुकें क़दम्-ए-नाज़ पे इक सजदा अदा हो जाए ऐसे तो न देखो कि हमको नशा हो जाए खूबसूरत सी कोई हमसे खता हो जाए ऐसे तो न देखो
यूँ न हो आँखें रहें काजल घोले बढ़ के बेखुदी हंसी गेसू खोले खुल के फिर ज़ुल्फ़ें सियाह काली बला हो जाये ऐसे तो न देखो कि हमको नशा हो जाए खूबसूरत सी कोई हमसे खता हो जाए ऐसे तो न देखो
हम तो मस्ती में जाने क्या क्या कहे लब्-ए-नाज़ुक से ऐसा न हो तुम्हे बेक़रारी का गिला हम से सिवा हो जाए ऐसे तो न देखो कि हमको नशा हो जाए खूबसूरत सी कोई हमसे खता हो जाए ऐसे तो न देखो