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Lyrics
जो मैं ऐसा जानती के प्रीत किये दुख होय ओ, नगर ढिंढोरा पीटती के प्रीत न करियो कोय
मोहे भूल गए साँवरिया, भूल गए साँवरिया -२ आवन कह गये, अजहुं न आये -२ लीनी न मोरी खबरिया मोहे भूल गए ...
(दिल को दिए क्यों दुख बिरहा के तोड़ दिया क्यों महल बना के) आस दिला के ओ बेदर्दी -२ फेर ली काहे नजरिया मोहे भूल गए ...
(नैन कहे रो-रो के सजना देख चुके हम प्यार का सपना) प्रीत है झूटी, प्रीतम झूटा -२ झूटी है सारी नगरिया मोहे भूल गए ...