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Saraswatichandra · 1968
Lyrics
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए मरता नहीं आदमी मोहब्बत के लिए छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
चाँद मिलता नहीं सबको संसार में है दिया ही बहुत रोशनी के लिए छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए