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· 1966
Lyrics
(तुम ने मुझे देखा, हो कर मेहर्बां रुक गई ये ज़मीं, रुक गई ज़मीं थम गया आसमां, जान्-ए-मन जान्-ए-जां) तुम ने मुझे देखा
ओ कहीं दर्द के सहरा में, रुकते चलते होते इन होंठों की हसरत में, तपते जलते होते मेहर्बां हो गई, ज़ुल्फ़ की बदलियाँ जान्-ए-मन्, जान्-ए-जां तुम ने मुझे देखा ...
ओ, लेकर ये हसीं जलवे, तुम भी न कहाँ पहुँचे आखिर को मेरे दिल तक्, कदमों के निशां पहुँचे खत्म से हो गए रास्ते सब यहाँ जान्-ए-मन्, जान्-ए-जां तुम ने मुझे देखा ...