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jahaan daal daal par sone ki

· 1965

Lyrics

जहाँ डाल्-डाल पर सोने की चिड़ियाँ करती हैं बसेरा वो भारत देश है मेरा

गुरूर्ब्रह्मा, गुरूर्विष्णु, गुरूर्देवो महेश्वरः गुरूः साक्षात्।ह परब्रह्मा, तस्मै श्री गुरवे नमः

जहाँ डाल्-डाल पर सोने की चिड़ियाँ करती हैं बसेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा जहाँ सत्य अहिंसा और धर्म का पग्-पग लगता डेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा जय भारती -

ये धरती वो जहाँ ऋषि-मुनि जपते प्रभु नाम की माला हरि ॐ - जहाँ हर बालक एक मोहन है और राधा एक्-एक बाला और राधा एक्-एक बाला जहाँ सूरज सबसे पहले आकर डाले अपना फेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जहाँ गंगा जमुना कृष्णा और कावेरी बहती जाएँ जहाँ उत्तर्-दक्षिण पूरब्-पश्चिम को अमृत पिलवाएँ ये अमृत पिलवाएँ कहीं ये तो फल और फूल उगाएँ, केसर कहीं बिखेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले कहीं दिवाली की जगमग है, होली के कहीं मेले होली के कहीं मेले जहाँ राग्-रंग और हँसी-ख़्हुशी का चारों ओर है घेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जहाँ आसमान से बातें करतें मंदिर और शिवाले किसी नगर में किसी द्वार पर कोई न ताला डाले कोई न ताला डाले और प्रेम की बंसी जहाँ बजाता आए शाम्-सवेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा जहाँ सत्य अहिंसा और धर्म का पग्-पग लगता डेरा वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा जय भारती -