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Hawa Ke Saath Saath

· 1972

Lyrics

हवा के साथ साथ घटा के संग संग ओ साथी चल मुझे लेके साथ चल तू यूँ ही दिन्-रात चल तू सम्भल मेरे साथ चल तू ले हाथों में हाथ चल तू ओ साथी चल

एक तो ये मौसम है बड़ा सुहाना अपना तो ये दिल भी है दीवाना पर्बत से आके न टकरा जाना तू बनके बादल ओ साथी चल ...

हँसती है ये दुनिया तो हँसने दे अरे नागन बनकर इस रुत को दँसने दे मुझको अपनी आँखों में बसने दे ओ बनके काजल ओ साथी चल ...

अपनि रेशमी ज़ुल्फें लहराने दे मुझको अपनी बांहों में आने दे थक गई आज बहुत मैं अब जाने दे ना मिलेंगे फिर कल ओ साथी चल ...