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Jaane Kahaan Mera Jigar Gaya Ji

· 1955

Lyrics

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी अभी अभी यहीं था किधर गया जी किसी की अदाओं पे मर गया जी बड़ी बड़ी अंखियों से डर गया जी

कहीं मारे डर के चूहा तो नहीं हो गया कोने कोने देखा न जाने कहाँ खो गया यहाँ उसे लाए काहे को बिना काम रे जल्दी जल्दी ढूँढो के होने लगी शाम रे

सच्ची सच्ची कह दो दिखाओ नहीं चाल रे तूने तो नहीं हैं चुराया मेरा माल रे ऐसे नहीं चोरी खुलेगी तकरार से चलो चलो थाने बताएं जमादार से

कोइ उल्फ़त की नज़र ज़रा फेर दे लेले दो चार आने जिगर मेरा छेड़ दे बातें हैं नज़र की नज़र से समझाऊंगी पहले पड़ो पइयां तो फिर बतलाऊंगी