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O Haseena Zulfonwali Jane Jahan

· 1966

Lyrics

रफ़ी: ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ -

आशा: वो अन्जाना ढूँढती हूँ वो दीवाना ढूँढती हूँ जलाकर जो छिप गया है वो परवाना ढूँढती हूँ

आशा: गर्म है, सेज़ है, ये निगाहें मेरी रफ़ी: काम आ, जायेगी सर्द्, आहें मेरी आशा: तुम किसी, राह में, तो मिलोगे कहीं रफ़ी: अरे! इश्क़ हूँ, मैं कहीं ठहरता ही नहीं आशा: मैं भी हूँ गलियों की परछाई कभी यहाँ कभी वहाँ शाम ही से कुछ हो जाता है मेरा भी जादू जवां

रफ़ी: ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ -

आशा: वो अन्जाना ढूँढती हूँ वो दीवाना ढूँढती हूँ जलाकर जो छिप गया है वो परवाना ढूँढती हूँ

आशा: छिप रहे, है ये, क्या ढंग है आपका? रफ़ी: आज तो, कुछ नया, रंग है आपका आशा: है! आज की, रात मैं, क्या से क्या हो गयी रफ़ी: अह! आपकी सादगी, तो भला हो गयी आशा: मैं ही हूँ गलियों की परछाई कभी यहाँ कभी वहाँ शाम ही से कुछ हो जाता है मेरा भी जादू जवां

रफ़ी: ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ -

आशा: वो अन्जाना ढूँढती हूँ वो दीवाना ढूँढती हूँ जलाकर जो छिप गया है वो परवाना ढूँढती हूँ

आशा: ठहरिये, तो सही, कहिये क्या नाम है रफ़ी: मेरी बदनामियों का वफ़ा नाम है आशा: ओहो! क़त्ल कर के चले ये वफ़ा, खूब है रफ़ी: है! नादां तेरी, ये अदा, खूब है आशा: मैं भी हूँ गलियों की परछाई कभी यहाँ कभी वहाँ शाम ही से कुछ हो जाता है मेरा भी जादू जवां

रफ़ी: ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ -

आशा: वो अन्जाना ढूँढती हूँ वो दीवाना ढूँढती हूँ जलाकर जो छिप गया है वो परवाना ढूँढती हूँ!!!