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· 1967
Lyrics
ये दिल्, ना होता बेचारा कदम्, न होते आवारा जो खूबसूरत कोई अपना हमसफ़र होता ओ ओ ओ ये दिल्, न होता बेचारा ...
अरे सुना, जब से ज़माने हैं बहार के हम भी, आये हैं राही बनके प्यार के कोई न कोई तो बुलायेगा पड़े हैं हम भी राहों में ये दिल्, न होता बेचारा ...
अरे (माना, उसको नहीं मैं पहचानता बंदा, उसका पता भी नहीं जानता आ आ) मिलना लिखा है तो आयेगा पड़े हैं हम भी राहों में ये दिल्, ना होता बेचारा ...
अरे (उसकी, धुन में पड़ेगा दुख झेलना सीखा, हा हा, हमने भी पत्थरों से खेलना) सूरत कभी तो दिखायेगा पड़े हैं हम भी राहों में ये दिल्, ना होता बेचारा ...