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Lyrics
हम तेरे प्यार में सारा आलम खो बैठे हैं, खो बैठे तुम कहते हो कि ऐसे प्यार को भूल जाओ, भूल जाओ हम तेरे प्यार में सारा आलम ॥।
पंछी से छुड़ाकर उसका घर्, तुम अपने घर पर ले आए ये प्यार का पिंजरा मन भाया, हम जी भर्-भर कर मुसकाए जब प्यार हुआ इस पिंजरे से, तुम कहने लगे आज़ाद रहो हम कैसे भुलाएँ प्यार तेरा, तुम अपनी ज़ुबाँ से ये न कहो अब तुमसा जहाँ में कोई नहीं है, हम तो तुम्हारे हो बैठे तुम कहते हो कि ॥।
इस तेरे चरण की धूल से हमने अपनी जीवन्-माँग भरी जब ही तो सुहागन कहलाई, दुनिया की नज़र में प्यार बनी तुम प्यार की सुंदर मूरत हो, और प्यार हमारी पूजा है अब इन चरणों में दम निकले, बस इतनी और तमन्ना है हम प्यार के गंगाजल से बलमजी, तन्-मन अपना धो बैठे तुम कहते हो कि ॥।
सपनों का दर्पन देखा था, सपनों का दर्पन तोड़ दिया ये प्यार का आँचल हमने तो, दामन से तुम्हारे बाँध लिया ये ऐसी गाँठ है उल्फ़त की, जिसको न कोई भी खोल सका तुम आन बसे जब इस दिल में, दिल फिर तो कहीं ना डोल सका ओ प्यार के सागर्, हम तेरी लहरों में नाव डुबो बैठे तुम कहते हो कि ॥।