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Sar Pe Topi Lal

· 1957

Lyrics

सर पे टोपी लाल्, हाथ में रेशम का रूमाल्, हो, तेरा क्या कहना गोरे-गोरे गाल पे उलझे-उलझे बाल्, हो, तेरा क्या कहना

मेरा दिल तो जान्-ए-जां, चुराके चली कहाँ, नशे में भरी-भरी चुराऊँ मैं दिल तेरा, जिगर भी नहीं मेरा, उमर भी नहीं मेरी बहकी-बहकी चाल्, हाय्, लचके जैसे डाल्, हो, तेरा क्या कहना सर पे टोपी ...

हो, ये क्यों दिल पे हाथ है, वो क्या ऐसी बात है, हमें भी बताइए भला इतनी दूर से, कहूँ क्या हुज़ूर से, ज़रा पास आइए हो हो के बेहाल बालमा, ये सतरँगी चाल्, हो, तेरा क्या कहना गोरे गोरे गाल ...

तमन्ना थी कम्-से-कम्, कोई फूल बनके हम तेरी ज़ुल्फ़ चूमते रही आर्ज़ू सनम्, तेरा रूप लेके हम्, शरानी से झूमते बहकी-बहकी चाल्, हाय्, लचके जैसे डाल्, हो, तेरा क्या कहना सर पे टोपी ...