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Sangam · 1964
Lyrics
ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर के तुम नाराज़ न होना के तुम नाराज़ न होना ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर
जो कुछ लिखा है इसमें वो सब सच है मेरी कसम के तुम नाराज़ न होना