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Lyrics
ज़िंदगी ... कैसी है पहेली, हाए कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये ज़िंदगी ...
कभी देखो मन नहीं जागे पीछे पीछे सपनों के भागे एक दिन सपनों का राही चला जाए सपनों के आगे कहाँ ज़िंदगी ...
जिन्होने सजाए यहाँ मेले सुख्-दुख संग्-संग झेले वही चुनकर ख़ामोशी यूँ चली जाए अकेले कहाँ ज़िंदगी ...