46 / 328

Jaago Mohan Pyaare

· 1956

Lyrics

ल: जागो को: जागो जागो

ल: जब उजियारा छाये मन क अन्धेरा जाये किरनों की रानी गाये जागो हे, मेरे मन मोहन प्यारे

को: जागी रे जागी रे जग कलियां जागी -२ जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जग जग

जागो मोहन प्यारे जागो -२ नव युग चूमे नैं तिहारे जागो, जागो मोहन प्यारे

को: जागी जागी रे जग कलियान जागी -२ जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जग जग

( भीगी भीगी अँखियों से मुसकाये ये नैइ भोर तोहे अंग लगाये) बाहें फैला ओ दुखियारे जागो मोहन प्यारे ...

( जिसने मन का दीप जलाया दुनिया को उसने ही उजला पाया) मत रहना अँखियों के सहारे जागो मोहन प्यारे ...

( किरन परी गगरी छलकाये ज्योत का प्यासा प्यास बुझाये) फूल बने मन के अंगारे जागो मोहन प्यारे ...