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Lyrics
ल: जागो को: जागो जागो
ल: जब उजियारा छाये मन क अन्धेरा जाये किरनों की रानी गाये जागो हे, मेरे मन मोहन प्यारे
को: जागी रे जागी रे जग कलियां जागी -२ जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जग जग
जागो मोहन प्यारे जागो -२ नव युग चूमे नैं तिहारे जागो, जागो मोहन प्यारे
को: जागी जागी रे जग कलियान जागी -२ जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जागी रे जग जग
( भीगी भीगी अँखियों से मुसकाये ये नैइ भोर तोहे अंग लगाये) बाहें फैला ओ दुखियारे जागो मोहन प्यारे ...
( जिसने मन का दीप जलाया दुनिया को उसने ही उजला पाया) मत रहना अँखियों के सहारे जागो मोहन प्यारे ...
( किरन परी गगरी छलकाये ज्योत का प्यासा प्यास बुझाये) फूल बने मन के अंगारे जागो मोहन प्यारे ...