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Lyrics
खोया-खोया चांद्, खुला आसमां आँखों में सारी रात जाएगी तुमको भी कैसे नींद आएगी, हो खोया-खोया ...
मस्ती भरी, हवा जो चली खिल्-खिल गई, ये दिल की कली मन की गली में है खलबली कि उनको तो बुलाओ, ओ हो ... खोया-खोया चांद ...
तारे चले, नज़ारे चले संग्-संग मेरे वो सारे चले चारों तरफ़ इशारे चले किसी के तो हो जाओ, ओ हो ... खोया-खोया चांद ...
ऐसी ही रात्, भीगी सी रात हाथों में हाथ्, होते वो साथ कह लेते उनसे दिल की ये बात अब तो ना सताओ, ओ हो ... खोया-खोया चांद ...
हम मिट चले, जिनके लिये बिन कुछ कहे, वो चुप्-चुप रहे कोई ज़रा ये उनसे कहे न ऐसे आजमाओ, ओ हो ... खोया-खोया चांद ...