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Lyrics
सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी
दुनिया ने कितना समझाया कौन है अपना कौन पराया फिर भी दिल की चोट छुपा कर हमने आपका दिल बहलाया खुद पे मर मिटने की ये ज़िद थी हमारी (२) सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी
असली नकली चेहरे देखे दिल पे सौ सौ पहरे देखे मेरे दुखते दिल से पूछो क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी (२) सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी
दिल का चमन उजड़ते देखा प्यार का रंग उतरते देखा हमने हर जीने वाले को धन दौलत पे मरते देखा दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी (२) सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी