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· 1975
Lyrics
कोई हसीना जब रूठ जाती है तो तो तो और भी हसीन हो जाती है टेशन से गाड़ी जब छूट जाती है तो एक्-दो-तीन हो जाती है कोई हसीना जब ...
हाथों में चाबुक होंठों पे गालियाँ बड़े नखरे वालियाँ होती हैं ताँगे वालियाँ कोई ताँगे वाली जब रूठ जाती है तो तो तो और नमकीन हो जाती है कोई हसीना जब ...
ज़ुल्फ़ों में छैयाँ मुखड़े पे धूप है बड़ा मज़ेदार गोरी ये तेरा रंग्-रूप है डोर से पतंग जब टूट जाती है तो तो तो रुत रंगीन हो जाती है कोई हसीना जब ...