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· 1973
Lyrics
तुम जो मिल गए हो तो ये लगता है के जहाँ मिल गया एक भूले हुए राही को कारवाँ मिल गया
बैठो न दूर हमसे, देखो खफ़ा न हो क़िस्मत से मिल गए हो, मिलके जुदा न हो मेरी क्या ख़ता है, होता है ये भी की ज़मीं से आसमां मिल गया, तुम ...
तुम क्या जानो तुम क्या हो, एक सुरीला नग़्मा हो भीगी रातों में मस्ती, तपते दिल में साया हो अब जो आ गए हो जाने न दूंगा की मुझे इक हसीन मेहरबाँ मिल गया, तुम ...
तुम भी थे खोए खोए, मैं भी बुझा-बुझा था अजनबी ज़माना अपना कोई न था दिल को जो मिल गया है तेरा सहारा इक नई ज़िंदगी का निशां मिल गया, तुम ...