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Lyrics
तू प्यार का सागर है तेरी इक बूँद के प्यासे हम लौटा जो दिया तुमने, चले जायेंगे जहाँ से हम तू प्यार का सागर है ...
घायल मन का, पागल पंछी उड़ने को बेक़रार पंख हैं कोमल्, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार जाना है सागर पार अब तू हि इसे समझा, राह भूले थे कहान से हम तू प्यार का सागर है ...
इधर झूमती गाये ज़िंदगी, उधर है मौत खड़ी कोई क्या जाने कहाँ है सीमा, उलझन आन पड़ी उलझन आन पड़ी कानों में ज़रा कह दे, कि आये कौन दिशा से हम तू प्यार का सागर है ...