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Humne Dekhi Hai Un Aankhon Ki Mehekti Khushboo

· 1969

Lyrics

हमने देखी है उन आँखों की महकती ख़्हुशबू हाथ से छूके इसे रिश्तों का इल्ज़ाम न दो सिर्फ़ एहसास है ये, रूह से महसूस करो प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो हमने देखी है ॥।

प्यार कोई बोल नहीं, प्यार आवाज़ नहीं एक ख़्हामोशी है सुनती है कहा करती है न ये बुझती है न रुकती है न ठहरी है कहीं नूर की बूँद है सदियों से बहा करती है सिर्फ़ एहसास है ये, रूह से महसूस करो प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम न दो हमने देखी है ॥।

मुस्कुराहट्-सी खिली रहती है आँखों में कहीं और पलकों पे उजाले से झुके रहते हैं होंठ कुछ कहते नहीं, काँपते होंठों पे मगर कितने ख़्हामोश से अफ़साने रुके रहते हैं सिर्फ़ एहसास है ये, रूह से महसूस करो प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम न दो हमने देखी है ॥।