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Kaajal · 1965
Lyrics
छू लेने दो नाज़ुक होठों को कुछ और नहीं माँगते हम छू लेने दो नाज़ुक होठों को
प्यास भरे ये होठ हमारे भीग जाएँ तेरी ओस से छू लेने दो नाज़ुक होठों को