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· 1965
Lyrics
हो
हमदम मेरे, मान भी जाओ कहना मेरे प्यार का अरे हल्का-हल्का, सुर्ख लबों पे रंग तो है इक़रार का - अरे हमदम मेरे
होय प्यार मुहोब्बत की हवा, पहले चलती है फिर इक लट इनकार की, रुख पे ढलती है - ये सच है कम से कम्, तू ऐ मेरे सनम लटें चेहरे से सरकाओ, तमन्ना आँखे मलती है हाय्, हमदम मेरे
हाय तुमसे मिल्-मिल के सबा, दुनिया महकाये बादल ने चोरी किये, आँचल के संग - ये सच है कम से कम्, तू ऐ मेरे सनम चुरा लूं मैं भी दो जलवे, मेरा अरमान भी रह जाये हाय्, हमदम मेरे