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Jaagte Raho · 1956
Lyrics
ज़िन्दगी ख्वाब है ख्वाब में झूठ क्या और भला सच है क्या ज़िन्दगी ख्वाब है ख्वाब में झूठ क्या और भला सच है क्या
ये दुनिया एक सराय है आना जाना यहाँ लगा रहता है कोई आता है कोई जाता है कोई हँसता है कोई रोता है ज़िन्दगी ख्वाब है