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Lyrics
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा प्यार हमको तुमसे हो गया दिल से मिला ले दिल मेरा तुझको मेरे प्यार की क़सम
प्यार की नज़र से दूर यूँ न ज़िंदगी गुज़ार हुस्न तू है इश्क़ मैं कर भी ले नज़र को चार चार मैं नज़र करूँ और फिर हुज़ूर से पास यूँ न आईए बात कीजे दूर से सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा ...
दुर कब तलक रहूँ, फूल तू है रंग मैं मैं तो हूँ तेरे लिये, डोर तू पतंग मैं कट गई पतंग जी, डोर अब न डालिये और किसी के सामने जा के दिल उछालिये सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा ...
बात रह न जाये फिर्, वक़्त ये गुज़र न जाये मेरे प्यार का ये हार टूट कर बिखर न जाये प्यार प्यार कह के तू दिल मेरा न लूट रे कह रहा है तू जो बात्, हो ना झूठ्-मूठ रे सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा ...