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Panchhi Banoon Udti Phiroon

· 1956

Lyrics

पंछी बनूँ उड़ती फिरूँ मस्त गगन में आज मैं आज़ाद हूँ दुनिया की चमन में

(हिल्लोरी हिल्लोरी ... ) ओ ... ओहो

ओ मेरे जीवन में चमका सवेरा ओ मिटा दिल से वो ग़म का अँधेरा ओ हरे खेतों में गाए कोई लहरा (???) ओ यहाँ दिल पर किसी का न बैरा रँग बहारों ने भरा मेरे जीवन में -२ आज मैं आज़ाद हूँ दुनिया की चमन में पंछी बनूँ ...

आ ... ओ दिल ये चाहे बहारों से खेलूँ ओ गोरी नदिया की धारों से खेलूँ ओ चाँद सूरज सितारों से खेलूँ ओ अपनी बाहों में आकाश ले लूँ बढ़ती चलूँ गाती चलूँ अपनी लगन में -२ आज मैं आज़ाद हूँ दुनिया की चमन में पंछी बनूँ ...

(हिल्लोरी हिल्लोरी ... )

ओ मैं तो ओड़ूँगी बादल का आँचल ओ मैं तो पहनूँगी बिजली की पायल ओ छीन लूँगी घटाओं से काजल ओ मेरा जीवन है नदिया की हलचल दिल से मेरे लहरें उठें ठण्डी पवन में -२ आज मैं आज़ाद हूँ दुनिया की चमन में पंछी बनूँ ...