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Haal Kaisa Hai Janaab Ka

· 1958

Lyrics

आशा : हाल कैसा है जनाब का? किशोर : क्या खयाल है आप का? आशा : तुम तो मचल गये, हो हो हो किशोर : यूँही फ़िसल गये, हा हा हा

किशोर : बहकी, बहकी, चले है पवन जो उड़े है तेरा आँचल आशा : छोड़ो, छोड़ो, देखो देखो गोरे गोरे काले काले बादल किशोर : कभी कुछ कहती है, कभी कुछ कहती है, ज़रा नज़र को संभालना आशा : हाल कैसा है जनाब का? किशोर : हाय्! क्या खयाल है आप का? आशा : होय्! तुम तो मचल गये, हो हो हो किशोर : ##ह्म्म ह्म्म्,## यूँही फ़िसल गये, हा हा हा

किशोर : पगली! आशा : आ! किशोर : पगली, कभी तूने सोचा रस्ते में गये मिल क्यों? आशा : पगले! किशोर : हं? आशा : पगले! किशोर : ए?! आशा : तेरी बातों बातों में धड़कता है दिल क्यों ? किशोर : कभी कुछ कहती है, कभी कुछ कहती है ज़रा नज़र को संभालना आशा : आ आ, हाल कैसा है जनाब का? किशोर : हाय्! क्या खयाल है आप का? आशा : तुम तो मचल गये, हो हो हो किशोर : यूँही फ़िसल गये, हा हा हा

आशा : कहो जी, कहो जी, रोज़ तेरे संग यूँही दिल बहलायें क्या? किशोर : आहा! सुनो जी, सुनो जी, समझ सको तो खुद समझो बताएं क्या ? कभी कुछ कहती है, कभी कुछ कहती है ज़रा नज़र को सम्भालना

आशा : हाय्! हाल कैसा है जनाब का ? किशोर : क्या खयाल है आप का ? आशा : तुम तो मचल गये, हो हो हो किशोर : यूँही फ़िसल गये, हा हा हा