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Lyrics
किशोर्: अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब्, घूँघट तो ज़रा ओढ़ो अहा मानो कहा अब तुम हो जवां, मेरी जान लड़कपन छोड़ो आशा: जब मेरी चुनरिया मलमल की, फिर क्यों न फिरूँ झलकी-झलकी किशोर्: अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब ...
आशा: (कोई जो मुझको हाथ लगाएगा, हाथ न उसके आऊंगी मै तेरे मन की लाल परी हूँ रे, मन में तेरे उड़ जाऊंगी) किशोर्: तुम परी तो ज़रूर हो, पर बड़ी मशहूर हो आशा: जब मेरी चुनरिया मलमल की ... किशोर्: अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब ...
आशा: (देखके तरसे लाख ये भंवरे, और इन्हें तरसाऊंगी तेरी गली की एक कली हूँ, तेरे गले लग जाऊंगी) किशोर्: तुम कली तो ज़रूर हो, पर बड़ी मशहूर हो आशा: जब मेरी चुनरिया मलमल की ... किशोर्: अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब ...
आशा: (डालके घुंघटा रूप को अपने, और नहीं मैं छुपाऊंगी सुंदरी बनके तेरी बलमवा, आज तो मैं लहराऊंगी) किशोर्: सुंदरी तो ज़रूर हो, पर बड़ी मशहूर हो आशा: जब मेरी चुनरिया मलमल की ... किशोर्: अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब ... आशा: जब मेरी चुनरिया मलमल की ... किशोर ## (व्हिस्पेर्स्): ## अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब ...