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Lyrics
है अपना दिल तो आवारा, न जाने किस पे आयेगा
हसीनों ने बुलाया, गले से भी लगाया बहुत समझाया, यही न समझा बहुत भोला है बेचारा, न जाने किस पे आयेगा है अपना दिल तो आवारा ...
अजब है दीवाना, न घर ना ठिकाना ज़मीं से बेगाना, फलक से जुदा ये एक टूटा हुआ तारा, न जाने किस पे आयेगा है अपना दिल तो आवारा ...
ज़माना देखा सारा, है सब का सहारा ये दिल ही हमारा, हुआ न किसी का सफ़र में है ये बंजारा, न जाने किस पे आयेगा है अपना दिल तो आवारा ...
हुआ जो कभी राज़ी, तो मिला नहीं काज़ी जहाँ पे लगी बाज़ी, वहीं पे हारा ज़माने भर का नाकारा, न जाने किस पे आयेगा है अपना दिल तो आवारा ...
है अपना दिल तो आवारा न जाने किस पे आएगा ...
(रुकेगा न रुका है न जाने धुन ही क्या है कभी ये रस्ता है कभी वो रस्ता) फिरे है दर बदर मारा न जाने किस पे आएगा ...
(किसीसे ये मिला था बताए कोई क्या था बेदारी का समा था के था वो सपना) ख़ुद अपने दर्द से हारा न जाने किस पे आएगा ...