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Din Dhal Jaaye Hai Raat Na Jaaye

· 1965

Lyrics

दिन ढल जाये हाय्, रात ना जाय तू तो न आए तेरी, याद सताये, दिन ढल जाये

प्यार में जिनके, सब जग छोड़ा, और हुए बदनाम उनके ही हाथों, हाल हुआ ये, बैठे हैं दिल को थाम अपने कभी थे, अब हैं पराये दिन ढल जाये हाय ...

ऐसी ही रिम्-झिम्, ऐसी फ़ुवारें, ऐसी ही थी बरसात खुद से जुदा और्, जग से पराये, हम दोनों थे साथ फिर से वो सावन्, अब क्यूँ न आये दिन ढल जाये हाय ...

दिल के मेरे तुम्, पास हो कितनी, फिर भी हो कितनी दूर तुम मुझ से मैं, दिल से परेशाँ, दोनों हैं मजबूर ऐसे में किसको, कौन मनाये दिन ढल जाये हाये ...