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Yaadon Ki Baaraat Nikli Hai Aaj

· 1973

Lyrics

कि: ( यादों की बारात निकली है आ दिल के द्वारे दिल के द्वारे) सपनों की शहनाई बीते दिनों को पुकारे दिल के द्वारे हो ओ छेड़ो तराने मिलन के प्यारे प्यारे संग हमारे

कि: बदले ना अपना ये आलम कभी जीवन में बिछड़ेंगे ना हम कभी बदले ना अपना ये आलम कभी जीवन में बिछड़ेंगे ना हम कभी यूं भी जाओगे आख़िर कहाँ होके हमारे

दो: यादों की बारात ।।।

आगे भी होगा जो उसका करम कि: ये दिन तो मनायेंगे हर साल हम अपने आंगन नाचे गायेंगे चन्दा सितारे

दो: यादों की बारात ।।।