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· 1973
Lyrics
मेरी भीगी-भीगी सी, पलकों पे रह गए जैसे मेरे सपने बिखर के जले मन तेरा भी, किसी के मिलन को अनामिका, तू भी तरसे मेरी भीगी ...
तुझे बिन जाने, बिन पहचाने मैंने हृदय से लगाया पर मेरे प्यार के बदले में तूने मुझको ये दिन दिखलाया जैसे बिरहा की ऋतु मैंने काटी तड़पके आँहें भर्-भर के जले मन तेरा ...
आग से नाता, नारी से रिश्ता काहे मन समझ न पाया मुझे क्या हुआ था, इक बेवफ़ा से हाय मुझे क्यों प्यार आया तेरी बेवफ़ाई पे, हँसे जग सारा गली-गली गुज़रे जिधर से जले मन तेरा ...