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Lyrics
दुनिया में हम आये हैं तो जीना ही पड़ेगा जीवन है अगर ज़हर तो पीना ही पड़ेगा दुनिया ...
गिर गिर के मुसीबत में सम्भलते ही रहेंगे जल जाएं मगर आग पे चलते ही रगेंगे ग़म जिसने दिये हैं बही ग़म दूर करेगा दुनिया ...
औरत है वही औरत जिसे दुनिया की शर्म है संसार में बस लाज ही नारी का धर्म है ज़िन्दा है जो इज़्ज़त से वही इज़्ज़त से मरेगा दुनिया ...
मालिक है तेरे साथ न डर ग़म से तू ये दिल मेहनत करे इन्सान तो क्या काम है मुश्किल जैसा जो करेगा यहाँ वैसा ही भरेगा दुनिया ...