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· 1976
Lyrics
न जाने क्यूँ, होता है ये ज़िंदगी के साथ अचानक ये मन किसी के जाने के बाद, करे फिर उसकी याद छोटी छोटी सी बात, न जाने क्यूँ
वो अंजान पल ढल गये कल, आज वो रंग बदल बदल, मन को मचल मचल रहे हैं छल न जाने क्यूँ, वो अंजान पल सजे बिना मेरे नैनों मे टूटे रे हाय रे सपनों के महल न जाने क्यूँ, होता है ये ज़िंदगी के साथ ॥।
वही है डगर वही है सफ़र, है नहीं साथ मेरे मगर, अब मेरा हमसफ़र इधर-उधर ढूँढे नज़र, वही है डगर कहाँ गईं शामें मदभरी वो मेरे, मेरे वो दिन गये किधर न जाने क्यूँ, होता है ये ज़िंदगी के साथ ॥।