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Jadugar Saiyan

· 1954

Lyrics

जादूगर सैंया, छोड़ो मेरी बैंया हो गई आधी रात्, अब घर जाने दो

झुकी-झुकी अँखियाँ देखेंगी सारी सखियाँ देंगी ताना तेरे नाम का (ऐसे में मत रोक बेदर्दी ले ले वचन कल शाम का) कल होंगे फिर हम साथ अब घर जाने दो

जादूगर सैंया ...

जाने दे ओ रसिया, मेरे मन बसिया गाँव मेरा बड़ी दूर है (तेरी नगरिया रुक न सकूँ मैं प्यार मेरा मजबूर है) ज़ंजीर पड़ी मेरे हाथ अब घर जाने दो

जादूगर सैंया ...