244 / 328

· 1966
Lyrics
धीरे धीरे मचल ऐ दिल्-ए-बेक़रार कोई आता है यूँ तड़पके न तड़पा मुझे बालमा कोई आता है धीरे धीरे ...
उसके दामन की ख़ुशबू हवाओं में है उसके कदमों की आहट फ़ज़ाओं में है मुझको करने दे, करने दे सोलह श्रिंगार कोई आता है धीरे धीरे मचल ...
रूठकर पहले जी भर सताऊँगी मैं जब मनाएंगे वो, मान जाऊँगी हैं मुझको करने दे, करने दे सोलह श्रिन्गार कोई आता है धीरे धीरे मचल ...
मुझको छुने लगिं उसकी पर्छाइयाँ दिलके नज़्दीक बजती हैं शहनाइयाँ मेरे सपनों के आँगन में गाता है प्यार कोई आता है
धीरे धीरे मचल ...